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    Current Affairs January 2019 | करंट अफेयर्स जनवरी 2019

    Current Affairs January 2019 in Hindi

    Current Affairs January 2019 | करंट अफेयर्स जनवरी 2019

  • 1 जनवरी 2019 को नवगठित भारत के 25 वे उच्च न्यायालय आंध्र प्रदेश के पहले कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश कौन बने- सी प्रवीण कुमार
  • 1 जनवरी 2019 को तेलंगाना उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में किसने शपथ ली - TBAN राधाकृष्णन
  • 1  जनवरी 2020 को किसने आयुध निर्माण बोर्ड के महानिदेशक एवं अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया - सौरभ कुमार
  •  1 जनवरी 2019 के भारतीय सिनेमा के किस प्रसिद्ध अभिनेता और लेखक का 81 वर्ष के आयु में कनाडा में निधन हो गया - कादर खान
  • 1 मई 2019 को कौन से दो देश अधिकारिक तौर पर यूनेस्को से अलग हो गए - अमेरिका और इजराइल
  •  2 जनवरी 2019 को पाकिस्तान के प्रांतीय सरकार ने उस हिंदू धार्मिक स्थल को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया पंज तीरथ हिंदू धार्मिक स्थल
  •  2 जनवरी 2019 को क्रिकेट कोच रमाकांत आचरेकर का निधन हो गया वह किस दिग्गज क्रिकेटर के बचपन के कोच थे सचिन तेंदुलकर
  •  2 जनवरी 2019 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किन बैंकों के विलय को अपनी मंजूरी दे दी बैंक ऑफ बड़ौदा विजया बैंक और देना बैंक 
  • 3 जनवरी 2019 को चंद्रमा की दूरी दूसरी ओर यान उतारने वाला पहला देश कौन बना चीन
  • 3 जनवरी 2019 सौभाग्य योजना के अंतर्गत कितने राज्यों में 100% विद्युतीकरण पूरा हुआ - 25 राज्यों 
  • 100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए | 100 Information that everyone should know

    योग की कुछ 100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए

    100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए | 100 Information that everyone should know
    योग की कुछ जानकारी
    1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।

    2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।

    3. हाई वी पी में -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।

    4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।

    5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।

    6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 

    7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी ।

    8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी ।

    9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें ।

    10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें ।

    11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन की कमी ।

    12. जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।

    13. ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।

    14.  किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।

    15. गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें,  लोटे का कम  सर्फेसटेन्स होता है ।

    16. अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।

    17. वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।

    18. परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।

    19. पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है ।

    20. RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है ।

    21. सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।

    22. पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है । 

    23. भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।

    24.  HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।

    25. गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।

    26.  चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है । 

    27.  शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
    28. वात के असर में नींद कम आती है ।

    29.  कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।

    30. कफ के असर में पढाई कम होती है ।

    31. पित्त के असर में पढाई अधिक होती है ।

    33.  आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।

    34. शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए ।

    35.  प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए ।

    36. सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।

    37. व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।

    38. भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।

    39. जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।

    40. निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है ।

    41.  भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।

    42. दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों , 

    43. माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।

    44. तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।

    45. छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है । 

    46. कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।

    47. मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए । 

    48. सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।

    49. भोजन के पहले मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है । 

    50. भोजन के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें । 

    51. अवसाद में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है 

    52.  पीले केले में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।

    53.  छोटे केले में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।

    54. रसौली की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।

    55.  हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।

    56. एंटी टिटनेस के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।

    57. ऐसी चोट जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें । 

    58. मोटे लोगों में कैल्शियम की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।

    59. अस्थमा में नारियल दें । नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।

    60. चूना बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है । 

    61.  दूध का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।

    62.  गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है । 

    63.  जिस भोजन में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए 

    64.  गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।

    65.  गाय के दूध में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।

    66.  मासिक के दौरान वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे  गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।

    67. रात में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।

    68. भोजन के बाद बज्रासन में बैठने से वात नियंत्रित होता है ।

    69. भोजन के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।

    70. अजवाईन अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है 

    71. अगर पेट में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें 

    72. कब्ज होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए । 

    73. रास्ता चलने, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए । 

    74. जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है । 

    75.  बिना कैल्शियम की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।

    76. स्वस्थ्य व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।

    77. भोजन करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।

    78. सुबह के नाश्ते में फल , दोपहर को दही व रात्रि को दूध का सेवन करना चाहिए । 

    79. रात्रि को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि । 

    80. शौच और भोजन के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें । 

    81. मासिक चक्र के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए । 

    82. जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।

    83. जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।

    84. एलोपैथी ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है ।

    85. खाने की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है । 

    86.  रंगों द्वारा चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला अंत में लाल रंग । 

    87. छोटे बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए 

    88. जो सूर्य निकलने के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है । 

    89. बिना शरीर की गंदगी निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं ।

    90. चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है । 

    91.  गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।

    92. प्रसव के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती  है ।

    93. रात को सोते समय सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा 

    94. दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए।

    95. जो अपने दुखों को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है । 

    96. सोने से आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है । 

    97. स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है। 

    98. तेज धूप में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है 

    99. त्रिफला अमृत है जिससे वात, पित्त , कफ तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।  देशी गाय का घी , गौ-मूत्र भी त्रिदोष नाशक है ।

    100. इस विश्व की सबसे मँहगी दवा। लार है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके ।


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    Hindi Jokes | हिंदी जोक्स


              हिंदी जोक्स- 

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     01. पुलिस वाले के घर में चोरी-

      एक पुलिस वाले के घर चोरी हो रही थी।
      पत्नी बोली- उठो जी घर में चोरी हो रही है|
      पुलिसवाला-मुझे सोने दे मैं इस समय ड्यूटी पर नहीं हूं।

    02. टीनू और मीनू-

        टीनू-अगर दुनिया में बिजली नहीं होती तो लोग टीवी कैसे देखते |
        मीनू-मोमबत्ती जलाकर|

    03. शिक्षक और छात्र-
         टीचर -भारत के मैप में कुतुब मीनार कहां है |
         विद्यार्थी- पता नहीं सर |
         टीचर-तो बेंच पर खड़े हो जाओ
         विद्यार्थी (बेंच पर खड़ा होकर)-सर ! यहां से भी कुतुबमीनार नहीं दिख रही है।

    04. जोरी और चोर-
          तिजोरी पर लिखा था- तोड़ने की जरूरत नहीं,
          बटन दबाओ खुल जाएगी
         बटन दबाते ही पुलिस आ गई।
         पुलिस- तुम्हें अपनी सफाई में कुछ कहना है।
         चोर- माँ कसम, आज इंसानियत से विश्वास उठ गया।


    05. मोहन और सोहन 
          मोहन और सोहन दो भाई एक ही क्लास में पढ़ते थे।
          टीचर ने कहा-तुम दोनों ने अपने पापा का नाम अलग-अलग क्यों लिखा है?
          मोहन बोला- इसलिए नाम अलग-अलग लिखा है नहीं तो आप कहोगे कि नकल की है।


    06. ड्राइवर गांव का आदमी
          गांव का एक आदमी पहली बार अपने गांव से कही बहार जाने के लिए बस में सवार हुआ।  
         कंडक्टर ने ठीक ड्राइवर के पास वाली सीट पर उसे बैठने को दिया। 
         बस चलते समय वह आदमी बड़े आस्चर्य से इतनी विशाल बस को चलाते ड्राइवर को ही देखता हरा। 
         एक घंटे बाद चाय पानी के लिए एक ढाबे के सामने बस रुकी और ड्राइवर भी चाय पिने चला गया। 
         वापस लौटा  तो  देखा की गियर चेंज करने वाली रॉड  गायब थी। 
         वो गुस्से  से चिलाय , "यहाँ लगी रॉड किसने निकली "
         उसके पास की सीट पर बैठा देहाती आदमी बड़ी नम्रता से बोला, "साहब नाराज क्यों होते हो, रस्ते भर मै         कब से देख रहा हु की आप बस चलते चलते बार बार ये रॉड  निकलने की कोसिस कर रहे है लेकिन              निकाल नहीं पाए बस आप हिला ही पाए। ... मैंने अपनी पूरी ताकत से निकल दिया।  ये लो। "
         ड्राइवर अभी कोमा में है और होश आते ही फिर बेहोश होने की संभावना है। 
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    आप मानसिक स्वास्थ्य क्यों ध्यान देना चाहिए | Why You Should Care About Mental Health

    आप मानसिक स्वास्थ्य क्यों ध्यान देना चाहिए 

    Why You Should Care About Mental Health

    आप मानसिक स्वास्थ्य क्यों ध्यान देना चाहिए

    अधिकांश लोगों को यह पता नहीं है कि भारत में मानसिक स्वास्थ्य और मादक द्रव्यों के सेवन की समस्याएं कितनी सामान्य हैं। जिस तरह कई तरह की शारीरिक बीमारी होती है, वैसे ही मानसिक रोग विविध होते हैं और यह जीवन के सभी चरणों में लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। वास्तव में, उनके जीवन में किसी समय, लगभग सभी अमेरिकी एक मानसिक स्वास्थ्य या पदार्थ का उपयोग करके अपने या अपने परिवार में विकार से प्रभावित होंगे। ये कठिन तथ्य हैं:

    डिप्रेशन एक आम लेकिन गंभीर बीमारी है। प्रत्येक वर्ष लगभग 7 प्रतिशत भारत के वयस्क एक प्रमुख अवसादग्रस्तता विकार का अनुभव करते हैं। अवसाद भी प्रभावित करता है
    दुर्भाग्य से, मानसिक बीमारियों वाले सभी लोगों में से आधे तक और ऐसे 90 प्रतिशत लोग जिनके पास एक पदार्थ का उपयोग विकार है, उन्हें वह उपचार नहीं मिल पाता है जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है। ऐसे कदम हैं जिनसे हम बदलाव ला सकते हैं। मानसिक बीमारी उपचार योग्य है और अधिकांश भारतीयों ने मानसिक बीमारी का अनुभव किया है और वे खुशहाल, उत्पादक जीवन जीते हैं। वे हमारे दोस्त, पड़ोसी और परिवार हैं। हम वैज्ञानिक सबूतों और हमारे विविध समुदायों के समृद्ध अनुभवों के आधार पर सर्वोत्तम रोकथाम, उपचार और पुनर्प्राप्ति सहायता सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर सकते हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तियों, परिवारों, स्कूलों, व्यवसायों और अन्य लोगों को शामिल कर सकते हैं कि सभी अमेरिकियों को इष्टतम व्यवहार स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक समर्थन प्राप्त होता है।

    लंबे समय से वे दिन हैं जिनमें हमने शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य को अलग और अलग माना है। एक के बिना दूसरा संभव नहीं है। मैं आपको चुनौती देता हूं कि आप इसमें शामिल हों और हम मिलकर राष्ट्र के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

    मानसिक और भावनात्मक कल्याण और राष्ट्रीय रोकथाम रणनीति में अन्य प्राथमिकताओं के बारे में अधिक जानें।
    आप मानसिक स्वास्थ्य क्यों ध्यान देना चाहिए
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    इसरो के बारे में रोचक तथ्य | Interesting facts about ISRO

    इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने जो किया वो काबिल-ए-तारीफ है। इसरो ने वो कर दिखाया जो बहुत देशों ने सोचा होगा कि भारत जैसे विकासशील देश के लिए असंभव है। कुछ समय पहले हमने NASA की पोस्ट डाली थी तो उसी समय से लोगो के कमेंट आ रहे थे कि ISRO के बारे में भी बताएँ। आज हम आपको भारत की अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी ISRO के बारे में बहुत विस्तार से बताने वाले है…
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    1. ISRO की Full From है “Indian Space Research Organisation”. इसका हेडक्वार्टर बेंगलूर में है यह अंतरिक्ष विभाग द्वारा कंट्रोल की जाती है जो सीधे भारत के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजता है। भारत में इसरो के कुल 13 सेंटर है।
    2. ISRO की स्थापना डाॅ. विक्रम साराभाई ने सन् 1969 में स्वतंत्रता दिवस के दिन की थी। इन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक भी माना जाता है।
    3. अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान, चीन समेत भारत दुनिया के उन छः देशों में शामिल है जो अपनी भूमि पर सैटेलाइट बनाने और उसे लाॅन्च करने की क्षमता रखते है।
    4. भारत के लिए 86 satellites लांच करने के अलावा ISRO ने अभी तक 21 अलग-अलग देशों के लिए भी 79 satellites लांच किए है।
    5. इसरो का बजट केंद्र सरकार के कुल खर्च का 0.34% और GDP का 0.08% है। यह कोई ज्यादा खर्च नही है।
    6. ISRO का पिछले 40 साल का खर्च NASA के एक साल के खर्च का आधा है। वहीं नासा की इंटरनेट स्पीड 91GBps है और इसरो की इंटरनेट स्पीड 2GBps है।
    7. पाकिस्तान की भी एक स्पेस एजेंसी है जिसका नाम है SUPARCO. यह 1961 में बनी थी जबकि ISRO 1969 में। ISRO आज तक अपने लिए 86 satellites लांच कर चुका है बल्कि SUPARCO सिर्फ 2 वो भी विदेशी देशों की मदद से।
    8. भारत के पहले राॅकेट के लांच के समय भारतीय वैज्ञानिक हर रोज तिरूवंतपूरम से बसों में आते थे और रेलवे स्टेशन से दोपहर का खाना खाते थे। पहले राॅकेट के कुछ हिस्सों को साइकिल पर ले जाया गया था।
    9. आर्यभट्ट, इसरो का पहला उपग्रह जो 19 अप्रैल 1975 को रूस की सहायता से लांच किया गया था।
    10. 1981 में APPLE Satellite को संसाधनों की कमी की वजह से बैलगाड़ी पर ले जाया गया था।
    11. SLV-3 भारत द्वारा लांच किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह था और इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डाॅ. ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम थे।
    12. ANTRIX, यह इसरो की कमर्शियल डिविजन है जो हमारी स्पेस तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचाती है। ANTRIX के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर देश के दो बड़े उद्योगपति रतन टाटा और जमशेद गोदरेज है।
    13. किसी और संगठन की अपेक्षा इसरो में सबसे ज्यादा single scientist है इन्होनें कभी शादी नही की और पूरा जीवन संगठन को समर्पित कर दिया।
    14. 2008-09 में इसरो ने चंद्रयान-1 लाॅन्च किया था जिसका बजट 350 करोड़ रूपए यानि नासा से 8-9 गुना कम था। इसी ने चाँद पर पानी की खोज की थी।
    15. भारत (इसरो) अपने पहले प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला एकमात्र देश है। अमेरिका 5 बार सेवियत संघ 8 बार और चीन, रूस भी अपने पहले प्रयास में असफल रहे थे।  
    16. ISRO का मंगल मिशन आज तक का सबसे सस्ता है सिर्फ 450 करोड़ रूपए अर्थात 12 रूपए प्रति किलोमीटर, जो एक ऑटो के किराए के बराबर है। हमारा मंगल मिशन कई हाॅलीवुड फिल्मों से भी सस्ता है।
    17. इसरो ने गूगल अर्थ का देशी वर्जन भुवन बनाया है यह वेब आधारित 3D सेटेलाइट इमेजरी टूल है।
    18. जब बहुत से देश navigational purpose के लिए अमेरिका के GPS पर निर्भर थे तब ISRO सफलतापूर्वक अपने navigational satellites, IRNSS लांच कर चुका था।
    19. आप चाहे तो इसरो से सैटेलाइट डाटा भी खरीद सकते है। HD चित्रों आदि की जरूरत पड़ने पर इस अवसर का लाभ उठा सकते है।
    20. क्या आपको लगता है कि ISRO छोटी सी संस्था है ? लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इसरो ने पिछले साल 14 अरब रूपए की कमाई की थी।    
      
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    The Indian Space Research Organisation






    चीन की विशाल दीवार के बारे में रोचक तथ्य | Interesting facts about the Great Wall of China

     चीन की विशाल दीवार  के बारे में रोचक तथ्य

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    1. चीन की विशाल दीवार पत्थर और मिट्टी से बनी दुनिया की सबसे बड़ी दीवार है जिसे चीन के विभिन्न शाशको द्वारा उत्तरी हमलावरों से सुरक्षा के लिए 5वी सदी ईसा पूर्व से लेकर 16वी सदी तक बनवाया गया।

    2. इस दीवार के कुछ हिस्से आपस में जुड़े हुए नहीं है। यदि इसके सभी हिस्सों को आपस में जोड़ दिया जाए तो दीवार की लंम्बाई 8848 किलोमीटर तक पहुँच जाएगी।

    3. एक अनुमान के अनुसार इस दीवार को बनाने के लिए 20 से 30 लाख लोगो ने अपना पूरा जीवन लगा दिया।

    4. चीन की विशाल दीवार की ऊँचाई हर जगह एक जैसी नही है। इसकी सबसे ज्यादा ऊँचाई 35 फुट है जबकि कुछ जगह से तो 8-9 फुट ही ऊँची है।

    5. इसमें दूर से आते शत्रुओं पर निगाह रखने के लिए निरीक्षण मीनारे भी बनाई गई।


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    6. दीवार की चौड़ाई इतनी रखी गई कि 5 घुड़सवार या 10 पैदल सैनिक बगल-बगल में गश्त लगा सकें।

    7. इस दीवार को चीन के लोग ‘वान ली छांग छंग‘ कहते है जिसका अर्थ है ‘चीन की विशाल दीवार’।

    8. भले ही इस विशाल दीवार का निर्माण विदेशी हमलावरों को रोकने के लिए हुआ था परन्तु सदियों तक इसका उपयोग परिवहन, माल तथा लम्बी यात्रा के लिए भी होता रहा।

    9. यह दीवार हमेशा सुरक्षित और अजेय नही रह सकी। कई बार हमलावों ने इस पर विजय प्राप्त की और इस दीवार को तोड़ा। सन् 1211 मे चंगेज़ खां इस दीवार को तोड़कर चीन आया था।

    10. यह दीवार लगभग 6400 किलोमीटर लंबी है। यह दीवार इतनी बड़ी है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। ऊपर दिया चित्र नासा की वेबसाइट से लिया गया है। ध्यान से देखने पर दीवार के कुछ हिस्से दिखाई देते हैं।
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    11. इस दीवार को बनाने में जो मजदूर लगे थे, उनमें से जो कठोर श्रम नही कर रहे थे उन्हें इस दीवार में ही दफना दिया जाता था। इस लिए इस दीवार को दूनिया का सबसे लंम्बा कब्रिस्तान भी कहते हैं।

    12. आप को यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में भी एक ऐसी दीवार है जो सीधे तौर पर चीन की दीवार को टक्कर देती है। इसे भेदने का प्रयास अकबर ने भी किया था पर सफल ना हो सका। इस दीवार को राजस्थान के कुंभलगढ़ किलो की सुरश्रा के लिए बनाया गया था। इसका निर्माण 1443 में शुरू होकर 1458 में खत्म हुआ।

    13. कुंभलगढ़ किले की सुरक्षा दीवार की लंम्बाई 36 किलोमीटर है। चीन की दीवार से 588 गुना छोटी होने के बावजूद भी यह दूनिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवार है।

    14. चीन की विशाल दीवार पर सिर्फ 5 घोड़सवार ही बगल-बगल में चल सकते हैं पर कुंभलगढ़ की दीवार पर 10 घोड़े बगल-बगल में चल सकते हैं।

    15. कहते है कुंभलगढ़ की दीवार के निर्माण का काम बंद होने का नाम ही नही ले रहा था। अंततः वहां देवी को प्रसन्न करने के लिए संत की बलि दी गई तब जाकर इस दीवार का निर्माण पूरा हुआ।
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    16. जिस संत की बलि दी गई थी उसने राजा से कहा था कि उसे चलने दिया जाए और जहां वह रुके वहीं उनकी बलि चढ़ा दी जाए और वहां एक देवी का मंदिर बनाया जाए। कुछ किलोमीटर तक चलने के बाद वह रूक गए और उनकी बल दी गई। जहां पर उनका सिर गिरा वहां मुख्य द्वार है और जहां पर उनका घड़ गिरा वहां दूसरा मुख्य द्वार है।
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    टाइटैनिक जहाज के बारे में रोचक तथ्य | Interesting facts about the Titanic ship

    टाइटैनिक जहाज में जनता का शुरू से ही जबरदस्त इंटरेस्ट रहा है. टाइटैनिक पर, वो सबकुछ था जितना उस वक्त एक पैसे वाला व्यक्ति कल्पना कर सकता था. इसमें लोगो का इंटरेस्ट हो भी क्यूँ न इंसान ने ये चीज ही ऐसी बनाई थी. आज हम बात करेंगे उस टाइटैनिक की जिसे कभी न डूबने वाला जहाज कहा जाता था.
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    टाइटैनिक जहाज 
    1. जब टाइटैनिक बनकर तैयार हुआ तब यह दुनिया की सबसे बड़ी चलने वाली चीज थी. यह 882 फीट यानि फुटबाॅल के 3 मैदान जितना लंबा और 17 माले की बिल्डिंग जितना ऊँचा था. यदि इसे सीधा खड़ा कर दिया जाता तो यह उस समय की हर इमारत से ऊँचा होता.

    2. Titanic जहाज का पूरा नाम था ‘RMS Titanic’ (RMS stands for Royal Mail Ship). इसे बनाने वाली कंपनी का नाम था ‘White Star Line’.

    3. टाइटैनिक जहाज नार्थ आयर्लैंड के बेलफास्ट में 31 march, 1909 को तीन हजार लोगो की टीम ने बनाना शुरू किया था. 26 महीनों बाद 31 may, 1911 को यह बनकर तैयार हुआ. इसे बनाते समय 246 लोगों को चोट लगी और 2 लोगों की मौत हुई. 31 मई, 1911 को जब यह पूरा बनकर तैयार हुआ तब इसे देखने के लिए 1 लाख लोग आए थे.

    4. 1912 में टाइटैनिक बनाने वाले, कुशल कारीगरों को एक हफ्ते के 10 डाॅलर व अकुशल कारीगरों को एक हफ्ते के 5 डाॅलर मिलते थे.

    5. 10 April, 1912 को टाइटैनिक इंग्लैंड के साउथम्पटन से न्यूयार्क की तरफ अपनी पहली और आखिरी यात्रा के लिए रवाना हुआ. यह रास्ते में दो जगह रूका. Cherbourg, northern France में और Cobh, Ireland में. सफर के चौथे दिन यह उत्तरी अटलांटिक सागर में एक हिमपर्वत से टकरा गया. तब यह जमीन से 640 किलोमीटर दूर था.

    6. इतिहास में Titanic अकेला ऐसा जहाज हैं जो Icebarg (हिमखंड) के टकराने से डूबा. 14 April, 1912 की रात 11 बजकर 40 मिनट पर टाइटैनिक उत्तरी अटलांटिक सागर में बर्फ के एक बड़े से टुकड़े से टकराया था. (आप ऊपर Iceberg की और जहाँ से जहाज की टक्कर हुई थी वो फोटो देख सकते हो लाल सर्कल वाली जगह से जहाज में टक्कर के बाद पानी भरना शुरू हुआ था). टक्कर के 2 घंटे 40 मिनट बाद यह पूरी तरह डूब चुका था. इसके डूबने की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा थी और इसे समुंद्र की आखिरी सत्तह तक पहुंचने में मात्र 15 मिनट लगी.

    7. जब आफिसर्स को आइसबर्ग दिखाई दिया तब उनके पास action लेने के लिए महज 37 second बचे थे. Iceberg दिखते ही 1st officer ‘Murdoch’ ने जहाज को left मोड़ने का और इंजन रूम को इंजन रिवर्स चलाने का आर्डर दिया और जहाज को left मोड़ भी दिया गया था लेकिन ये उस आइसबर्ग से बचने के लिए काफी नही था. यदि 30 second और पहले पता लग जाता तो शायद टाइटैनिक को बचाया जा सकता था.

    8. Iceberg थोड़ा पहले भी दिखाई दे जाता लेकिन टाइटैनिक के क्रू मेंबर के पास दूरबीन नही थी. ये एक लाॅकर में रखी थी जिसकी चाबी गुम हो गई थी.

    9. जब Titanic ने emergency signal भेजे, तब Californian नाम का जहाज उसके सबसे नजदीक था. लेकिन टाइटैनिक का wireless operator लगभग खराब हो चुका था. ऐसा माना जाता है कि यदि कैलीफोर्नियन का रिप्लाई आ जाता तो ओर ज्यादा जान बचाई जा सकती थी.

    10. जहाज के धीरे-धीरे डूबने की खबर मिलने के बावजूद भी इसके म्यूजिशियन आखिरी साँस तक गाना बजाते रहे ताकि वो और कुछ समय बाद मरने वाले लोग अपने आखिरी पलों को खुशी से बिता सके.

    11. टाइटैनिक जहाज पर डूबने वालो में सबसे ज्यादा पुरूष थे. क्योंकि इस मुश्किल की घड़ी में कुछ समझदार लोग निकलकर आगे आए और लोगो को किश्तियों में बैठाते समय ‘महिला और बच्चे पहले’ ये प्रोटोकाॅल फाॅलो किया गया. जहाज पर मौजूद नौ कुत्तों में से दो कुत्ते भी जिंदा बचा लिए गए थे.

    12. लाइफबोट, 1st class की टिकट लेने वाले लोगों के सबसे नजदीक थी. इसलिए 1st class के 60%, 2nd class के 42% और 3rd class के सिर्फ 25% यात्री जिंदा बच पाए.

    13. Titanic को 64 lifeboats (छोटी किश्तियाँ) ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था. लेकिन 20 लाइफबोट ही ले जाई गई ये सभी लोगों को बचाने के लिए काफी नही थी लेकिन यदि सभी लाइफबोट पूरी तरह से भरी जाती तो 1178 लोगो की जान बचाई जा सकती थी, जबकि 706 ही बच पाए. कारण ये रहा, कि कुछ किश्तियाँ थोड़े से लोग ही लेकर भाग गए. जैसे:- लाइफबोट 1 में 40 लोग आ सकते थे लेकिन सात क्रू मेंबर और पाँच पैसेंजर इसे लेकर भाग गए. वैसे ही लाइफबोट 7 में 65 लोग आ सकते थे लेकिन इसे भी 24 लोग ही लेकर चल दिए.

    14. जिस जगह पर टाइटैनिक डूबा था, वहाँ पानी का तापमान -2°C था. जिसमें कोई भी व्यक्ति 15 मिनट से ज्यादा जिंदा नही रह पाया.

    15. एक अनुमान के अनुसार जहाज पर 2,222 लोग सवार थे. जिनमें से 1314 यात्री और 908 क्रू मेंबर थे. इनमें से 1500 से ज्यादा आदमी डूब गए और 706 बच गए, अभी तक इनमें से 337 लोगो की ही लाशें मिल पाई है.

    16. Titanic के यात्रियों के पास कैश, ज्वैलरी समेत 60 लाख डाॅलर का सामान था.

    17. 13 नवविवाहित जोड़े टाइटैनिक पर हनीमून मनाने के लिए आए थे.

    18. टाइटैनिक के बोर्ड पर हर दिन ‘Atlantic Daily Bulletin’ समाचार पत्र प्रकाशित होता था. इसमें न्यूज, विज्ञापन, स्टाॅक की कीमतें, घोड़ों की रेस के परिणाम से लेकर दिन के मेन्यू तक सब कुछ छपता था.

    19. Titanic में लगी सीटी को 16 किलोमीटर दूर तक सुना जा सकता था.


    20. टाइटेनिक पर यात्रियों और स्टॉफ को खाने के लिये 39,000 किलो मीट, 40 हजार अंडे, 40 टन आलू, 1,590 किलो प्याज, 36,000 सेब मौजूद थें. जहाज पर हर रोज 63,000 लीटर पानी की खपत्त होती थी.

    21. Full load होने के बाद Titanic का वजन 46,326 टन था (करीब 4 करोड़ 63 लाख 26 हजार किलो). इतने वजन के बावजूद भी यह 42 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता था.

    22. टाइटैनिक पर एक दिन में 600 टन यानि 6 लाख किलो कोयला जलाया जाता था. 176 आदमी अपने हाथों से ये कोयला भठ्ठी में डालते थे. हर 24 घंटे में 1 लाख किलो राख समुंद्र में बहाई जाती थी.

    23. जहाज का इंजन 46,000 हार्स पाॅवर की ऊर्जा पैदा करता था. यह boeing 777 विमान के इंजन की आधी है.

    24. Titanic की चार चिमनियां थी, इनमें से सिर्फ तीन से धुआं निकलता था. चौथी चिमनी नकली थी ये जहाज को ओर मजबूत व खूबसूरत दिखाने के लिए लगाई गई थी.

    25. दिन 1 Sept. 1985, आखिर डूबने के 73 साल बाद Titanic का मलबा ढूंढ ही लिया गया. यह समुंद्र में 12,600 फीट की गहराई पर मिला.

    26. अपने आखिरी पलों में टाइटैनिक के बीच से टूटकर दो टुकड़े हो गए थे. ये दोनों टुकड़े आज भी समुंद्र में पड़े है और इनके बीच की दूरी 600 मीटर है. वैज्ञानिक अभी तक स्पष्ट रूप से नही बता पाए कि जहाज के दो टुकड़े क्यूँ हुए थे.

    27. जिस Iceberg की वजह से Titanic डूबा, वह 10,000 साल पहले ग्रीनलैंड के एक गलेशियर से अलग होकर आया था. यह 100 फीट ऊँचा था. टक्कर के दो हफ्ते बाद यह भी नष्ट हो गया क्योंकि इसको भी काफी नुकसान पहुंचा था.

    28. टाइटैनिक के डूबने के साथ इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को भी गहरा झटका लगा था. क्योंकि इसमें सफर करने वाले सबसे ज्यादा अमीर आदमी इंग्लैंड के थे, ‘John Jacob Astor IV’ जो जहाज पर सबसे अमीर आदमी था वह भी इंग्लैंड का ही था. उस समय इसकी कुल संपत्ति $85 million थी.

    29. 1997 में एक मूवी आई थी “Titanic”, जिसका बज़ट ‘Titanic जहाज’ से भी ज्यादा था. जहाज को बनाने में 75 लाख डाॅलर (करीब 48 करोड़ रूपए), जबकि मूवी को बनाने में 20 करोड़ डाॅलर (करीब 12 अरब रूपए) का खर्च आया था. यह फिल्म कमाई के मामले में world में 2nd नंबर पर है (1st पर Avatar). इसने 2 अरब डाॅलर की कमाई की. इतने पैसों से आज 5 टाइटैनिक बनाए जा सकते है.

    30. Titanic फिल्म ने 11 Oscars अवार्ड जीतें, लेकिन acting के लिए इनमें एक भी नही है.

    31. ‘Millvina Dean’ टाइटैनिक दुर्घटना में बचने वाली आखिरी जिंदा इंसान थी. ये भी 31 may, 2009 को 97 साल की उम्र में मर गई. यह टाइटैनिक पर सबसे छोटी थी और इसकी उम्र 2 महीने थी.

    32. Titanic क्रैश होने के बाद जो जापानी बच गए थे उनके परिवार को जापान के लोग आज भी कायर कहते हैं Q कि वो उनके पूर्वज अन्य लोगो के साथ नही मरे.

    33. टाइटैनिक के टट्टीघर का पोट भी निकल आए तो लाखो में बिकता है. 31 march, 2012 को टाइटैनिक के फर्स्ट क्लास का मेन्यू 62 लाख में बिका.

    34. टाइटैनिक में कुछ लोग ऐसे भी थे, जो इसमें सफर नही करना चाहते थे. दरअसल कोयले की कमी के कारण इसकी कंपनी व्हाइट स्टार लाइन ने ओशिएनिक और एड्रियाटिक नाम के दो जहाजो की यात्रा रद्द करनी पड़ी थी और इन दोनों जहाजों के यात्रियों को टाइटैनिक में शिफ्ट कर दिया गया था.

    35. वर्ष 1997 में इसी दुर्घटना पर जो फिल्म बनी थी टाइटेनिक उसका बजट मूल जहाज की लागत से भी अधिक था जहाज को बनाने में $75 लाख डालर लगे जबकि मूवी को बनाने में $20 करोड़ डालर इस फिल्म ने $2 अरब डॉलर की कमाई की इतने पैसों से आज पांच टाइटेनिक बनाए जा सकते हैं
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